Saturday, January 08, 2005

आईना= दर्पण
आक़िबत= अन्त, परिणाम, भविष्य
आक़िल= बुद्धिमान
आख़िर= अन्त, अन्तिम
आग= अग्नि, ज्वाला(क्रोध,वासना,प्रेम,आवेग,जोश)
आगा़ज= आरम्भ,
आगो़श= आलिंगन, गोद, छाती
आँच= ज्वाला, उष्णता, उत्साह, हानि, दु:ख
आंचल= दोपट्टे का कोना
आज़= प्रचण्ड इच्छा, लोभ, ल्प्सिा
आज़र्दाह= उदास, दु:खित, खीजा हुआ, व्याकुल,बेचैन
आज़माईश= प्रयत्न, प्रयोग, जाँच, सिद्ध करना
आज़ाद= स्वतन्त्र, बाधारहित
आजिज़= शक्तिहीन, उदासीन
आज़िम= दृढ़ता, सुनिश्चित
आतिश= आग
आदत= रीति, आचरण, प्रयोग, प्रवृति
आदमी= व्यक्ति
आदमियत= मनुष्यत्त्व, मनुष्यता, शिष्टता
आदाब= आचरण (अदब का बहुवचन)
आदिल= न्यायपूर्ण, सच्चा, नेक, निष्कपट
आंधी= धूल भरी तेज़ हवा, अंधड
आप= स्वयं, किसी को सम्मान से सम्बोधित करना
आफ़ताब= सूर्य
आफ़त=
आफ़ात= दुर्भाग्य, कठिनाइयां, बुराइयां (आफ़त का बहुवचन)
आब= पानी,चमक,सुन्दरता,तलवार की धार
आब-ए-आईना= दर्पण की चमक
आब-ए-चश्म= आंसू
आब-ए-तल्ख़= कड़वा पानी, आंसू, शराब
आबरू= आन, प्रसिद्धी, मर्यादा
आबाद= बसा हुआ, प्रसन्न, समृद्ध
आम= साधारण, जनता, सामन्य, सार्वत्रिक
आयन्दा= भविष्य में, आगे, इसके बाद
आरज़ू= इच्छा, लालसा, आशा, अभिलाषा
आरा= सजावट, शोभना
आराईश= सजावट, सुन्दरता, सुशोभित
आराम= विश्राम, सुख, चैन, सुगमता
आलम= संसार, सृष्टि, प्रान्त, सुन्दरता, समयकाल
आलाप= बात-चीत, स्वर मिलाना
आलिम= विद्वान, बुद्धिमान, सुबोध
आली= उच्च, महान, भव्य, विशाल, उत्तम
आवाज़= शोर, ध्वनि, चीख, पुकार
आवाज़ह= चर्चा, अफवाह, प्रसिद्धि, विवरण
आवारा= बिना घरबार के, घुमक्कड़, हीन
आश्ना= परिचित, मित्र, प्रेमी
आशिक़= प्रेमी, विवाहार्थी
आशियाना= घोंसला, घर
आशुफ़्ता= बौख़लाया हुआ, घबराया हुआ, भ्रमित
आस= उम्मीद, आशा, भरोसा, शरण
आसमान= आकाश, स्वर्ग
आसमानी= स्वैर्गिक, खगोली, अन्तिरिक्ष सम्बन्धी, नीला
आसरा= सुरक्षा, शरण, जीने का साधन
आसान= सरल, सुगम, सहज
आसिम= पापी, दोषी
आसूदाह= समृद्ध, अमीर, सन्तुष्ट
आंसू= अश्रु
आह= निश्वास, दीर्घश्वास
आहिस्ता= धीमे से, मृदुलता, आराम से

4 comments:

अनूप भार्गव said...

Bhai , bahut acchha prayaas hai. Kya offline reference ke liye ise download kiya jaa sakta hai ?

RAM NARSH said...

main chahta hun ki duniya ek ho......har insaan ek dusre ke prati IMANDAR...SAMARPIT...OAR KRITAGYA bane....koi....MAJHAB...na ho...koi SMPRADAY NA HO.....iske liye...jruri hai ki ham ek naya pryaas shuru karen...wo bhi pure NISHWARTH bhaw ke saath...my no.9914031134

Birsingh Tiu said...

वाकई यह एक बहुत ही अच्छा प्रयास है । इसके लिए मेरी ओर से आपको कोटि-कोटि धन्यवाद जितेन्द्र जी।

mohammad arif said...

i am very happy for urdu shabdkosh............